जबलपुर। जिले के चरगवां थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक 27 वर्षीय युवक का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ सफेद रंग की बुलेरो में पहुंचे और युवक को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले गए। आरोपियों ने बुलेरो के अंदर और बाद में बरेला क्षेत्र के हिनौतिया में युवक के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल राजा सेन और महेंद्र उर्फ गोलू झारिया को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बुलेरो वाहन, बेसबॉल का डंडा और चाइना चाकू भी जब्त किया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दोस्तों के साथ बैठा था युवक, तभी पहुंचे आरोपी
पुलिस के मुताबिक ग्राम सेमरा निवासी 27 वर्षीय अरविंद गौड़ 11 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9 बजे अपने दोस्तों के साथ भूरा गौड़ के घर के सामने बैठा था। इसी दौरान ग्राम गंगई निवासी राजा सेन और महेंद्र उर्फ गोलू झारिया अपने दो अन्य साथियों के साथ सफेद रंग की बुलेरो से वहां पहुंचे। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर उन्होंने अरविंद के साथ गाली-गलौज की और जबरदस्ती उसे बुलेरो में बैठा लिया।
आरोपियों ने वाहन के अंदर ही अरविंद के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद उसे बरेला क्षेत्र के हिनौतिया ले जाया गया। वहां बुलेरो से उतारने के बाद महेंद्र ने बेसबॉल के डंडे से उसके साथ मारपीट की, जबकि अन्य दो युवकों ने हाथ-मुक्कों से हमला किया। इस दौरान राजा सेन ने चाकू निकालकर उसे डराया-धमकाया। मारपीट के बाद आरोपी अरविंद को वहीं छोड़कर बुलेरो से फरार हो गए।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ अपहरण का मामला
घटना के बाद अरविंद के भाई प्रकाश गौड़ ने 12 अक्टूबर को चरगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि गांव के साहिल भूमिया और अन्नू ने उसे जानकारी दी थी कि अरविंद को राजा सेन और महेंद्र झारिया बुलेरो में बैठाकर ले गए हैं। काफी तलाश के बाद भी अरविंद का पता नहीं चलने पर परिजनों ने आशंका जताई कि उसे कहीं बंधक बनाकर रखा गया है।
शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 340/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-3 मनीष भारद्वाज और नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी चरगवां सरोजनी चौकसे के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
नहर के पास बुलेरो में बैठे मिले आरोपी
पुलिस टीम ने तत्काल नाकेबंदी कर अपहृत युवक की तलाश शुरू की। इसी दौरान अरविंद गौड़ पैदल आता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि खोखा रोड पर नहर के पास एक सफेद बुलेरो खड़ी है, जिसमें दो लोग बैठे हैं।
पुलिस ने मौके पर दबिश देकर बुलेरो में बैठे राजा सेन (23), निवासी ग्राम गंगई, और महेंद्र उर्फ गोलू झारिया (32), निवासी ग्राम सेमरा, को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने दो अन्य युवकों के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा, थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे, सहायक उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह पटेल, राम सिंह जाट तथा आरक्षक अभिषेक कौरव, विजय बरकड़े, संदीप घोषी और सुनील कुराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
