जबलपुर में टॉयलेट की बदहाली पर भड़के महापौर, सगरदीप को टर्मिनेट करते हुए लगाया एक लाख का जुर्माना,
पीपीपी मोड के शौचालयों में तालेबंदी, कब्जा और गंदगी मिली; सुलभ इंटरनेशनल पर भी 25 हजार का अर्थदंड
24 घंटे का अल्टीमेटम, दो दिन में सभी सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश
जबलपुर। संस्कारधानी में नवरात्र और दशहरे के पर्व की धूम है। मां दुर्गा के दर्शन और ऐतिहासिक दशहरा चल समारोह में शामिल होने के लिए शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था जांचने निकले महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ को शहर के कई सार्वजनिक शौचालयों में बदहाली मिली। नगर निगम के शौचालयों की स्थिति बेहतर थी, लेकिन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित शौचालय बंद मिले। कहीं ताले लटके थे, तो कहीं गंदगी और कब्जे की स्थिति सामने आई। यह देखकर महापौर नाराज हो गए और संबंधित एजेंसियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
दशहरा मार्ग के शौचालयों का औचक निरीक्षण
महापौर ने अधिकारियों के साथ दशहरा मार्ग के प्रमुख क्षेत्रों में सार्वजनिक प्रसाधन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शास्त्री ब्रिज, नागरथ चौराहा, सिविक सेंटर और ज्योति टॉकीज जैसे व्यस्त इलाकों में शौचालयों की व्यवस्थाएं देखी गईं। निरीक्षण में नगर निगम द्वारा संचालित शौचालय साफ-सुथरे और बेहतर स्थिति में मिले, जबकि पीपीपी मोड के शौचालयों में अव्यवस्थाएं सामने आईं।
कई शौचालय बंद पाए गए। परिसरों में गंदगी का अंबार था और कुछ स्थानों पर कब्जे की स्थिति भी मिली। बताया गया कि इन परिसरों में लोगों के रहने की बात भी सामने आई। त्योहार के दौरान जब शहर में बाहर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, तब सार्वजनिक सुविधाओं की ऐसी स्थिति ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
सागरदीप को टर्मिनेशन नोटिस, एक लाख का जुर्माना
अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निगम प्रशासन ने सागरदीप एजेंसी को टर्मिनेशन का नोटिस जारी करने के साथ एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं, सुलभ इंटरनेशनल पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा होर्डिंग शाखा प्रभारी सहित सीएसआई और एसआई को भी नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित सुपरवाइजर का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक शौचालयों के संचालन में लापरवाही रोकना और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
24 घंटे में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम
महापौर ने संबंधित एजेंसियों को 24 घंटे के भीतर बंद शौचालयों को दुरुस्त कर आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान शहर आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन में सभी शौचालयों की जांच
महापौर ने सीएसआई और एसआई को शहर के सभी सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की जांच कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, उपायुक्त संभव अयाची, कार्यपालन यंत्री एवं होर्डिंग शाखा प्रभारी शैलेंद्र कौरव, प्रभारी सुनील दुबे, स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी, आनंद राव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवरात्र और दशहरे के दौरान शहर की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएं। श्रद्धालुओं को स्वच्छ शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
