भोपाल। मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के पीड़ितों को आर्थिक राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के तहत साइबर ठगी की रकम वापस दिलाने से जुड़े मामलों में स्टांप शुल्क को 90 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। पहले जहां पीड़ितों को इस प्रक्रिया के लिए 1,000 रुपये स्टांप शुल्क देना पड़ता था, वहीं अब यह राशि घटाकर महज 100 रुपये कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से खासतौर पर कम राशि की साइबर ठगी के शिकार लोगों को राहत मिलने और उनकी रकम वापस मिलने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
MRM पोर्टल से लौटाई जाती है ठगी की रकम
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित MRM पोर्टल के माध्यम से साइबर अपराध पीड़ितों की ठगी गई राशि वापस दिलाने की कार्रवाई की जाती है। इस व्यवस्था के तहत साइबर ठगी से संबंधित मामलों में रोकी गई या होल्ड की गई धनराशि को पीड़ितों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
मध्य प्रदेश में वर्तमान में MRM पोर्टल पर करीब 4,370 मामले लंबित हैं। इनमें से 3,087 मामले ऐसे हैं, जिनमें पीड़ितों को वापस मिलने वाली राशि 5,000 रुपये से कम है। यह कुल लंबित मामलों का लगभग 70 प्रतिशत है।
कम राशि के मामलों में शुल्क बन रहा था परेशानी
साइबर ठगी के कई मामलों में पीड़ितों की रकम कम होती है। ऐसे में 1,000 रुपये का स्टांप शुल्क चुकाना उनके लिए आर्थिक बोझ बन रहा था। कई मामलों में स्टांप शुल्क की राशि, पीड़ित को वापस मिलने वाली रकम की तुलना में काफी अधिक थी। इसके अलावा स्टांप संबंधी औपचारिकताओं के कारण धनराशि वापस मिलने की प्रक्रिया में भी देरी हो रही थी।
इसी समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने स्टांप शुल्क में 90 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया। अब MRM के तहत संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए 100 रुपये का स्टांप शुल्क निर्धारित किया गया है।
4,370 लंबित मामलों के निपटारे में मिलेगी मदद
सरकार के इस निर्णय से कम राशि वाले लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है। स्टांप शुल्क कम होने से पीड़ितों को अपनी रोकी गई धनराशि वापस प्राप्त करने के लिए पहले की तुलना में कम खर्च करना पड़ेगा। साथ ही, आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करना भी आसान होगा।
यह कदम साइबर अपराध पीड़ितों को आर्थिक राहत देने के साथ ही धनराशि वापसी की व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
राज्य साइबर पुलिस ने नागरिकों से साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
साइबर पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड कराने और आर्थिक नुकसान कम करने की संभावना बढ़ सकती है। नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन करने और साइबर ठगी की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।
