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उज्जैन में उमा-सांझी महोत्सव शुरू, फूलों से सजा बाबा महाकाल का दरबार; 12 अक्टूबर को निकलेगी मां पार्वती की सवारी

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उज्जैन में उमा-सांझी महोत्सव शुरू, फूलों से सजा बाबा महाकाल का दरबार; 12 अक्टूबर को निकलेगी मां पार्वती की सवारी
— उज्जैन में उमा-सांझी महोत्सव शुरू, फूलों से सजा बाबा महाकाल का दरबार; 12 अक्टूबर को निकलेगी मां पार्वती की सवारी
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thenewsmp
October 11, 2026
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Published On: October 11, 2026

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उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पारंपरिक उमा-सांझी महोत्सव की शुरुआत हो गई है। 6 से 12 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक उत्सव को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। महोत्सव के अवसर पर बाबा महाकाल का दरबार देश-विदेश से मंगाए गए फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

फूलों और रोशनी से सजा महाकाल मंदिर

उमा-सांझी महोत्सव की शुरुआत के साथ ही श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप दिया गया है। फूलों की सजावट और रोशनी के बीच मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव के दौरान मंदिर के पुजारी और पुरोहित विधि-विधान से विशेष अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। प्राचीन सांझी की शिला पर प्रतिदिन आकर्षक रंगोलियां बनाई जाएंगी। इसके साथ ही भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के मुखौटों से सजी झांकियां भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेंगी।

घट स्थापना और वसंत पूजा से हुई शुरुआत

सात दिवसीय महोत्सव की शुरुआत घट स्थापना के साथ की गई। शाम को संध्या आरती के बाद 21 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा पारंपरिक वसंत पूजा संपन्न कराए जाने का कार्यक्रम है। महोत्सव के दौरान श्री महाकाल महालोक में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा श्री महाकालेश्वर निःशुल्क अन्नक्षेत्र में कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन भी रखा गया है।

12 अक्टूबर को निकलेगी मां पार्वती की सवारी

उमा-सांझी महोत्सव का मुख्य आकर्षण 12 अक्टूबर को निकलने वाली मां पार्वती की सवारी होगी। परंपरा के अनुसार, मां उमा पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगी। इस दौरान रास्ते में श्रद्धालु उनका स्वागत और पूजा-अर्चना करेंगे। सवारी के बाद मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के पवित्र तट पर जवारे विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही सात दिवसीय उमा-सांझी महोत्सव का समापन होगा। उज्जैन में यह पारंपरिक धार्मिक आयोजन हर साल श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। महोत्सव के दौरान मंदिर में दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

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