भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जबलपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ओबीसी आरक्षण, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अयोध्या तक प्रस्तावित सनातन यात्रा, जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक विकास की योजना और दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस पर जल्दबाजी में अपूर्ण विधेयक लाने का आरोप लगाया। वहीं, सनातन यात्रा को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए तुष्टीकरण की राजनीति को देश के नुकसान का कारण बताया। उन्होंने जबलपुर-भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को महाकौशल के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश में स्पष्ट है कि कांग्रेस जो बिल लेकर आई थी, वह बहुत जल्दबाजी में लाया गया था और एक तरह से अपूर्ण था। इसी कारण वर्तमान परिस्थितियां बनी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट पक्ष है कि सभी के साथ न्याय होना चाहिए और आरक्षण के मामले में न्यायपूर्ण समाधान निकलना चाहिए। ओबीसी आरक्षण के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी राकेश सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरोपों से सहमत होना या असहमत होना अलग विषय है, लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में स्थिति स्पष्ट कर दी है। ऐसे में अब इस विषय पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। मंत्री के इस बयान को ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरक्षण को लेकर कानूनी स्थिति और उसके क्रियान्वयन का सवाल प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अयोध्या तक प्रस्तावित सनातन यात्रा को लेकर राकेश सिंह ने कांग्रेस की विचारधारा और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सनातन के विषय में समय रहते जाग गई होती, तो वह तुष्टीकरण की राजनीति की ओर नहीं बढ़ती। उनके मुताबिक, तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा को लेकर राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूत हुआ है और सनातनी एकजुट हुए हैं। अब कांग्रेस को सनातन की याद आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक वोटों के लिए समाज को जातियों और वर्गों में बांटकर राजनीति की है। ऐसे में यदि कांग्रेस अब सनातन की बात करती है, तो जनता उस पर कितना भरोसा करेगी, इस पर संदेह है। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता केवल बयानों से नहीं, बल्कि विचारों और कार्यों से दिखाई देनी चाहिए। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि भाजपा इस यात्रा को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाने की रणनीति अपना रही है।
जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक विकास की योजना पर राकेश सिंह ने इसे पूरे महाकौशल और मध्य प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और औद्योगिकीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश भी इस दिशा में लगातार कदमताल कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव अब देश के लिए एक मॉडल बन चुकी हैं।
राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास की जो परिकल्पना की है, उसे धरातल पर उतारने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। जबलपुर-भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने का माध्यम बन सकता है। इसका लाभ संस्कारधानी जबलपुर के साथ महाकौशल और प्रदेश के दूसरे हिस्सों को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि महाकौशल के उद्योगपति और बड़े व्यवसायी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त कर चुके हैं। इस दौरान औद्योगिक विकास को लेकर विस्तार से चर्चा भी हुई। राकेश सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री जल्द ही जबलपुर आएंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास के अगले रोडमैप की जानकारी देंगे। मंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाला समय महाकौशल के लिए सुनहरा साबित होगा। औद्योगिक कॉरिडोर के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना का रास्ता खुलेगा। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम को लेकर राकेश सिंह ने कहा कि इसमें आश्चर्य करने वाली क्या बात है? क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की प्रतियां लहराने वाले लोग यदि खुद को कानून से ऊपर समझने लगें और सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च कर भारत के मुख्य न्यायाधीश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करें, तो ऐसे में संविधान की मर्यादा कहां रह जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी को भी कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं है। राकेश सिंह ने ऐसी गतिविधियों को अराजकता बताते हुए कहा कि देश में इसके लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
