2028 तक धरातल पर दिखने लगेगा औद्योगिक विकास, विशेष कंपनी करेगी योजनाबद्ध विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी मंजूरी
भोपाल। जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जबलपुर–भोपाल–इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत जबलपुर के आसपास 10 हजार एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2028 तक औद्योगिक विकास की यह पहल धरातल पर दिखाई देने लगेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात शुक्रवार को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ उनसे मुलाकात करने पहुंचे जबलपुर के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान कही। प्रतिनिधिमंडल ने इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए विशेष कंपनी के गठन की मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें जबलपुर आने का आमंत्रण दिया।
विशेष कंपनी करेगी औद्योगिक विकास की निगरानी
राज्य मंत्रिपरिषद ने 15 अक्टूबर को जबलपुर भोपाल–इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ (JBIICD) के गठन को मंजूरी दी है। पूरी तरह राज्य शासन के स्वामित्व वाली इस कंपनी के लिए शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये की पूंजी और 20 करोड़ रुपये की ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कंपनी की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष होंगे।
संबंधित विभागों के बीच स्थापित होगा समन्वय
कंपनी औद्योगिक क्षेत्रों की योजना बनाने, निवेश आकर्षित करने, जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और भूमि आवंटन सहित विभिन्न स्वीकृतियों के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी। इससे औद्योगिक परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और निवेशकों की समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।
रक्षा और इंजीनियरिंग उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर की औद्योगिक क्षमताओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल महाकौशल की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कॉरिडोर के जरिए खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक विकास के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
लॉजिस्टिक्स हब के रूप में होगा विकसित
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड और भोपाल-इंदौर से बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्र को औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेंगे। इससे जबलपुर के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। बेहतर कनेक्टिविटी से रक्षा क्षेत्र की इकाइयों, इंजीनियरिंग, मशीन निर्माण, रक्षा सहायक उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण और वेयरहाउसिंग को लाभ मिलने की उम्मीद है। भोपाल और इंदौर के रास्ते गुजरात के बंदरगाहों तक बेहतर संपर्क से माल परिवहन भी सुगम हो सकेगा।
उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
महाकौशल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता सहित विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उद्योग जगत ने विश्वास जताया कि विशेष कंपनी के गठन और बड़े निवेश के लक्ष्य से जबलपुर सहित पूरे महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार होगा।
जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष पांडे, अजय विश्नोई, संतोष बरकड़े, सुशील तिवारी और नीरज सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी इस पहल से जुड़े प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

