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जबलपुर : खेरमाई मंदिर मेले में दुकानों में लगे ‘सनातनी हिंदू की दुकान’ के पोस्टर! विश्व हिंदू महासंघ की अपील, खरीदारी से पहले ‘जय श्री राम’ बोलें

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Shubhampatkar
October 16, 2026
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Published On: October 16, 2026

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जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में नवरात्रि के दौरान प्राचीन बड़ी खेरमाई मंदिर परिसर में लगने वाला मेला अब दुकानों की पहचान को लेकर चर्चा में है। विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारी मेले में लगी दुकानों पर पहुंच रहे हैं और दुकानदारों को ‘यह सनातनी हिंदू की दुकान है’ लिखे पोस्टर बांटकर उन्हें अपनी दुकानों पर लगाने की अपील कर रहे हैं। पोस्टर में वराह भगवान की तस्वीर भी लगाई गई है। संगठन का कहना है कि इस पहल के जरिए श्रद्धालुओं को दुकानदारों की धार्मिक पहचान बताने और हिंदू त्योहारों पर हिंदू व्यापारियों से खरीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

दुकानों पर पोस्टर लगाने की अपील, ‘जय श्री राम’ के बाद खरीदारी का संदेश

विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में लगी दुकानों पर पहुंचकर दुकानदारों से मुलाकात की और उन्हें पोस्टर दिए। संगठन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे दुकानों पर खरीदारी करने से पहले ‘जय श्री राम’ और ‘जय माता दी’ कहें। महासंघ के पदाधिकारियों का दावा है कि हिंदू दुकानदारों ने पोस्टर स्वीकार किए, जबकि कुछ अन्य विशेष समुदाय के दुकानदारों ने इन्हें लेने से इनकार कर दिया। संगठन ने इसे धार्मिक पहचान स्पष्ट करने से जुड़ा मुद्दा बताया है। 

विशेष समुदाय की दुकानों को लेकर संगठन ने उठाए सवाल

विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नवरात्रि के मेले में दूसरे समुदाय से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में दुकानें लगाते हैं। संगठन ने कुछ दुकानों पर लोगों के समूह में जमा होने को लेकर भी सवाल उठाए और आशंका जताई कि ऐसी दुकानों के जरिए लव जिहाद जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। संगठन की ओर से मांग की जा रही है कि मंदिर परिसर में दुकानें लगाने वालों की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। वहीं, धार्मिक पहचान के आधार पर किसी दुकानदार को संदेह के दायरे में रखना या उसके कारोबार का बहिष्कार करने की अपील करना सामाजिक सौहार्द के लिहाज से संवेदनशील मुद्दा है।

पूजन सामग्री से लेकर चूड़ी-बिंदी तक की दुकानें

बड़ी खेरमाई मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। यहां पूजन सामग्री, चुनरी, चूड़ी-बिंदी और मनिहारी की दुकानें लगाई जाती हैं। नवरात्रि के दौरान इन दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में विश्व हिंदू महासंघ की पोस्टर मुहिम ने मेले में दुकानदारों की पहचान और खरीदारी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

दुकान में बैनर लगाने की अपील

संगठन के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास कुमार खरे ने बताया कि भगवान वराह और सनातनी हिंदुओं की पहचान से जुड़े पोस्टर दुकानदारों को दिए गए हैं। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य मेले में आने वाले लोगों को यह बताना है कि कौन-सी दुकान हिंदू व्यापारी की है। संगठन ने इसे हिंदुओं के त्योहारों में हिंदू व्यापारियों की भागीदारी और पहचान से जोड़ते हुए दुकानों पर ऐसे बैनर लगाने की पहल की है।

लव जिहाद जैसी घटनाओं को मिल रहा बढ़ावा
विकास कुमार खरे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग क्यूआर कोड और अन्य माध्यमों से अपनी पहचान छिपाकर हिंदू नामों से व्यापार करते हैं, जिससे ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में दुकान आवंटित करते समय दुकानदार की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। संगठन का दावा है कि इससे कथित लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर नजर रखने और श्रद्धालुओं को जागरूक करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मेले के धार्मिक महत्व का हवाला देते हुए पवित्र क्षेत्र में मांस-मटन के सेवन और बिक्री को लेकर भी आपत्ति जताई।
पोस्टर लगाने से होगी हिंदू दुकानदारों की पहचान
संगठन के प्रदेश युवा अध्यक्ष ने कहा कि दुकानों पर ‘सनातनी हिंदू’ के बैनर लगाने का उद्देश्य हिंदू दुकानदारों की पहचान को स्पष्ट करना है, ताकि मेले में आने वाले लोग अपनी आस्था के अनुसार खरीदारी कर सकें। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत माता की जय और वंदे मातरम जैसे नारों से परहेज करने वालों को लेकर भी संगठन की चिंता है। हालांकि, संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हिंदू धर्म मानने वाले दुकानदारों ने पोस्टर किए स्वीकार
हिंदू नेता राज रजक का कहना है कि मां बड़ी खेरमाई मंदिर के मेले में विश्व हिंदू महासंघ की ओर से दुकानदारों को ‘सनातनी हिंदू’ लिखे पोस्टर दिए गए। उनके मुताबिक, हिंदू धर्म को मानने वाले कुछ दुकानदारों ने पोस्टर स्वीकार किए, जबकि कुछ मुस्लिम दुकानदारों ने इन्हें लेने से इनकार कर दिया। राज रजक ने कहा कि बड़ी खेरमाई माता का स्थल हिंदुओं की आस्था का पवित्र केंद्र है और यहां दुकानें आवंटित करते समय दुकानदारों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हिंदू धर्म मानने वाले से ही खरीदे सामान
राज रजक ने हिंदू दुकानदारों से अपनी दुकानों पर ‘सनातनी हिंदू की दुकान’ लिखे पोस्टर लगाने की अपील की। उनका कहना है कि इससे ग्राहक दुकानों की पहचान कर सकेंगे और अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से हिंदू धर्म और रीति-रिवाजों को मानने वाले दुकानदारों से ही सामान खरीदने की अपील करते हुए अन्य दुकानदारों से खरीदारी नहीं करने की बात कही। हालांकि मुस्लिम दुकानदारों द्वारा पोस्टर लेने से इनकार करने और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी जताया जा चुका है विरोध

खेरमाई मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा दुकानें लगाए जाने को लेकर इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया था। अब विश्व हिंदू महासंघ ने पोस्टर अभियान शुरू कर दिया है। मामले में संगठन के प्रांत अध्यक्ष अभय श्रीवास्तव और प्रदेश अध्यक्ष विकास खरे के बयान सामने आए हैं। फिलहाल, यह अभियान धार्मिक पहचान, व्यापार और मंदिर परिसर में दुकान आवंटन को लेकर बहस का विषय बन गया है।

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